Vadodara में नाव पलटने से बड़ा हादसा, Harni झील में 14 की मौत

Vadodara में नाव पलटने से बड़ा हादसा, Harni झील में 14 की मौत

Vadodara: गुजरात के वडोदरा में एक बड़ा हादसा हुआ है। हरणी झील में नाव पलटने से 14 लोगों की मौत हो गई है। हादसे में 12 छात्र और दो शिक्षक शामिल हैं।

घटना गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे हुई। एक निजी स्कूल के छात्र और शिक्षक पिकनिक मनाने के लिए हरणी झील गए थे। वे नाव पर सवार होकर झील में घूम रहे थे तभी नाव पलट गई।

हादसे में 12 छात्रों और दो शिक्षकों की मौत हो गई। चार लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने नाव के संचालक और स्कूल के प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

घटना के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया, “वडोदरा में हुई नाव दुर्घटना से गहरा दुख हुआ। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

हादसे के बाद वडोदरा पुलिस ने 18 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें नाव के मालिक, संचालक, चालक और स्कूल के प्रबंधन के अधिकारी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि नाव की क्षमता 12 लोग थी, लेकिन उसमें 27 लोग सवार थे। इस लापरवाही के कारण हादसा हुआ।

Vadodara हादसे के कारण

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हादसे के कई कारण हो सकते हैं। इनमें नाव की क्षमता से अधिक लोगों का सवार होना, नाव की खराब स्थिति और मौसम की स्थिति शामिल हैं।

नाव की क्षमता से अधिक लोगों का सवार होना

नाव की क्षमता 12 लोग थी, लेकिन उसमें 27 लोग सवार थे। यह लापरवाही हादसे का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।

नाव की खराब स्थिति

नाव की स्थिति भी अच्छी नहीं थी। नाव की नाव की पतवार टूटी हुई थी। इस वजह से नाव को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया और वह पलट गई।

मौसम की स्थिति

मौसम की स्थिति भी हादसे का कारण हो सकती है। हादसे के समय मौसम खराब था। तेज हवा और बारिश हो रही थी। इस वजह से नाव को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।

पुलिस की कार्रवाई

वडोदरा पुलिस ने 18 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें नाव के मालिक, संचालक, चालक और स्कूल के प्रबंधन के अधिकारी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि नाव की क्षमता से अधिक लोगों का सवार होना, नाव की खराब स्थिति और मौसम की स्थिति के आधार पर इन लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है।

हादसे पर शोक

हादसे के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं।

इस हादसे पर विपक्षी दलों ने भी निशाना साधा है। कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि यह हादसा वडोदरा नगर निगम की लापरवाही के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि नगर निगम को नावों की क्षमता और सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए था।

हादसे के बाद हरणी झील के आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।

हादसे के बाद की चुनौतियाँ

इस हादसे के बाद कई चुनौतियाँ सामने आई हैं। इनमें मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता, घायलों के इलाज और हादसे की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कदम उठाना शामिल है।

Vadodara सरकार ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घायलों के इलाज के लिए सरकार ने 50 लाख रुपये का प्रावधान किया है।

सरकार ने हादसे की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए भी कदम उठाए हैं। सरकार ने नावों की क्षमता और सुरक्षा की जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा, सरकार ने नाव चलाने वालों को लाइसेंस जारी करने की योजना बनाई है।

निष्कर्ष

Vadodara बोट हादसा एक दुखद घटना है। इस हादसे में 12 मासूम बच्चों की जान चली गई। इस हादसे से सबक लेकर सरकार को नावों की क्षमता और सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है।

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dharati moradiya

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