India vs Maldives: भारत से विवाद के बाद पनाह मांगता ‘मालदीव’, China से नजदीकियां बढ़ा रहे मुइज्जू !

India vs Maldives: भारत से विवाद के बाद पनाह मांगता ‘मालदीव’, China से नजदीकियां बढ़ा रहे मुइज्जू !

India vs Maldives:भारत और मालदीव के बीच बढ़ते तनाव के बीच, मालदीव ने भारत से अपने सैनिकों को हटाने की मांग की है। मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने 15 मार्च तक भारत को अपने सैनिकों को हटाने की चेतावनी दी है। अगर भारत ऐसा नहीं करता है, तो मालदीव संयुक्त राष्ट्र से मदद मांग सकता है।

भारत और मालदीव के बीच तनाव का कारण मालदीव में एक राजनीतिक संकट है। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने राष्ट्रपति सोलिह के खिलाफ विद्रोह किया है। भारत ने सोलिह का समर्थन किया है और यामीन के समर्थकों को दबाने में मदद की है।

India vs Maldives
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मालदीव का कहना है कि भारत के सैनिकों की मौजूदगी उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है। मालदीव चाहता है कि भारत के सैनिकों को वापस बुला लिया जाए ताकि वह अपनी आंतरिक समस्याओं को सुलझा सके।

भारत का कहना है कि वह मालदीव की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भारत का कहना है कि उसके सैनिकों की मौजूदगी मालदीव की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह मालदीव की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

India vs Maldives के बीच तनाव का समाधान करना मुश्किल हो सकता है। दोनों देश अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं। अगर बातचीत से समाधान नहीं निकलता है, तो दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष भी हो सकता है।

मालदीव के लिए पनाह मांगने के कुछ कारण:

  • भारत के सैनिकों की मौजूदगी मालदीव की संप्रभुता का उल्लंघन करती है।
  • मालदीव चाहता है कि वह अपनी आंतरिक समस्याओं को सुलझा सके।
  • मालदीव को डर है कि अगर भारत के सैनिक नहीं हटते हैं, तो भारत मालदीव के मामलों में हस्तक्षेप करेगा।

भारत के लिए पनाह मांगने के कुछ कारण:

  • भारत मालदीव की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
  • भारत का कहना है कि उसके सैनिकों की मौजूदगी मालदीव की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं है।
  • भारत को डर है कि अगर वह मालदीव के सैनिकों को हटा देता है, तो मालदीव में अराजकता फैल सकती है।

विवाद का कारण

India vs Maldives के बीच विवाद का कारण भारत की योजना है कि वह मालदीव में एक सैन्य अड्डा बनाए। भारत का कहना है कि यह अड्डा क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

हालांकि, मालदीव के कुछ कट्टरपंथी इस अड्डे के निर्माण का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह अड्डा मालदीव की स्वतंत्रता और संप्रभुता को खतरे में डालेगा।

विवाद के परिणाम

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India vs Maldives से पनाह मांगने से दोनों देशों के संबंधों में और अधिक तनाव बढ़ने की संभावना है। भारत इस कदम को मालदीव की ओर से एक “धोखा” के रूप में देख सकता है।

इस विवाद के परिणामस्वरूप, क्षेत्रीय सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। भारत और मालदीव के बीच तनाव बढ़ने से क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हो सकती है।

India vs Maldives विवाद का समाधान

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मालदीव और भारत के बीच विवाद का समाधान करने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत की आवश्यकता है। दोनों देशों को एक समझौते पर पहुंचने की जरूरत है जो दोनों देशों के हितों को पूरा करे।

इस विवाद के समाधान के लिए भारत को मालदीव के कट्टरपंथियों को भी शांत करने की जरूरत है। भारत को मालदीव की सुरक्षा और अखंडता को लेकर मालदीव के लोगों को आश्वस्त करने की जरूरत है।

भारत से पनाह मांगने के पीछे मालदीव की मंशा

India vs Maldives  के राष्ट्रपति सोलिह के भारत से पनाह मांगने के पीछे कई कारण हो सकते हैं।

एक कारण यह हो सकता है कि सोलिह भारत के दबाव में आ गए हैं। भारत ने मालदीव को चेतावनी दी है कि अगर वह यामीन को वापस नहीं लेता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

दूसरा कारण यह हो सकता है कि सोलिह भारत के साथ संबंधों को सामान्य करना चाहते हैं। भारत मालदीव के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक और सैन्य साझेदार है। भारत के बिना मालदीव की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है।

तीसरा कारण यह भी हो सकता है कि सोलिह अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। सोलिह चाहते हैं कि दुनिया को मालदीव में भारत के बढ़ते प्रभाव का पता चले।

India vs Maldives से पनाह मांगने के बाद, भारत पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ सकता है। भारत को मालदीव के साथ संबंधों को सुधारने के लिए कदम उठाने होंगे।

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भारत और मालदीप के बीच तनातनी  का नाम नहीं ले रही है. इसी बीच मालदीप के राष्ट्रपति मुeजू के चीन से लौटते ही तेवर बदल गए हैं. दरअसल मालदीप के राष्ट्रपति मोहम्मद चीन का दौरा इन दिनों खास चर्चा में है. पंच दिन बीजिंग प्रवास के दौरान मोजू ने चीनी नेताओं और उनकी मेहमानबाजी की जमकर तारीफ की उन्होंने चीन के साथ कई अहम समझते भी किएौ.के साथ साथ चीन से मालदीप में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए.

आर्थिक में फंस गया है. उसे रोज करीब नौ करोड़ का घाटा सहना पड़ रहा है. मालदीप ने भी खुद कहा है कि की वजह से उसके देश के चवालीस हजार परिवारों पर संकट आ गया है. भारतीयों के नाराजगी के कारण उसकी टूरिज्म इंडस्ट्री पुरी तरह प्रभावित हुई है. ऑनलाइन ट्रेवल पोर्टल पर भी लोगों ने मालदीप पर घूमने के दिए. इसके बजेाय लक्ष्यदीप की सर्च चौंतीस गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है.

इधर मालदीप पर का असर दिखने लगा है. मालदीप को भारत हर दिन करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है. हालत संभालने के लिए मा यहां घूमने का खर्चा भी आधा कर दिया फिर भी वहां जाने के लिए तैयार नहीं है. इस विवाद से पहले तक भारतीयों का पसंदीदा पर्यटन स्थल था.

हाथ से चीन मालदीप का नंबर एक बाजार था यानी मालदीप में सबसे ज्यादा चीनी पर्यटक आते द. इसी के साथ आपको बता दें की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षदीप पर फोटो शूट करने और उसकी तुलना मालदीप से करने पर के मंत्रियों ने म उड़ था. इसके भारत के तमाम बड़ी सेलिब्रिटी से लेकर केंद्रीय मंत्रियों ने इसका विरोध जात इसके मादी के मंत्रियों को इस्तीफ तक देना पड़ा है.

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dharati moradiya

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